
(Pradhan Mantri Mudra Yojana) प्रधानमंत्री मुद्रा योजना PMMY 2025
छोटे उद्यमियों और स्वरोज़गार के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की गारंटी
भारत में करोड़ों लोग छोटे व्यवसाय, स्वरोज़गार और सूक्ष्म उद्यमों के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। रेहड़ी-पटरी वाले, छोटे दुकानदार, कारीगर, स्टार्ट-अप उद्यमी और ग्रामीण क्षेत्र के स्वरोज़गार करने वाले लोग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। लेकिन लंबे समय तक इन वर्गों की सबसे बड़ी समस्या रही—बैंक से आसान और सस्ता ऋण न मिल पाना।
इसी समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana – PMMY) की शुरुआत की। यह योजना बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराकर छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Pradhan Mantri Mudra Yojana क्या है?

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana – PMMY) भारत सरकार की एक प्रमुख वित्तीय समावेशन योजना है, जिसका उद्देश्य गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को आसान ऋण सुविधा प्रदान करना है। इस योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को की गई थी।
मुद्रा योजना के अंतर्गत छोटे व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा कारोबार को बढ़ाने के लिए ₹50,000 से ₹10 लाख तक का ऋण बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराया जाता है।
“MUDRA” का सम्पूर्ण नाम — Micro Units Development and Refinance Agency। यह संस्था बैंकों, NBFCs और MFIs के जरिए से उद्योग के लिए लोगो को ऋण प्राप्त कराने की व्यवस्था करती है।
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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) का संक्षिप्त ओवरव्यू
| बिंदु | विवरण |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री मुद्रा योजना |
| लॉन्च तिथि | 8 अप्रैल 2015 |
| उद्देश्य | छोटे उद्यमियों को बिना गारंटी ऋण देना |
| लक्षित वर्ग | सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी |
| ऋण राशि | ₹50,000 से ₹10 लाख तक |
| ऋण श्रेणियाँ | शिशु, किशोर, तरुण |
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की आवश्यकता क्यों पड़ी?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि भारत में करोड़ों लोग छोटे व्यापार, स्वरोज़गार और सूक्ष्म उद्यमों पर निर्भर हैं, लेकिन लंबे समय तक उन्हें औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से पर्याप्त वित्तीय सहायता नहीं मिल पाती थी। अधिकांश छोटे उद्यमियों के पास न तो ज़मानत होती थी और न ही स्थायी आय प्रमाण, जिसके कारण बैंक उन्हें ऋण देने में हिचकिचाते थे। परिणामस्वरूप, ये लोग साहूकारों से ऊँचे ब्याज पर कर्ज लेने को मजबूर हो जाते थे, जिससे उनका आर्थिक शोषण होता था और व्यवसाय आगे नहीं बढ़ पाता था। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की Official Website पर देख सकते है
इसके अलावा, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसर होने के कारण स्वरोज़गार को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक था। युवाओं और महिलाओं के पास कौशल तो था, लेकिन पूंजी के अभाव में वे अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाते थे। इसी समस्या के समाधान के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू की गई, ताकि छोटे उद्यमियों को बिना गारंटी आसान ऋण उपलब्ध कराया जा सके। इस योजना का उद्देश्य न केवल आर्थिक समावेशन को बढ़ाना है, बल्कि रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता और देश की जमीनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने इस स्थिति को बदला। इस योजना का लक्ष्य है:
- स्वरोज़गार को बढ़ावा देना
- नए स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करना
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाना
- युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना
Pradhan Mantri Mudra Yojana की प्रमुख विशेषताएँ
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना किसी गारंटी के ऋण प्रदान किया जाता है। यह योजना सरल आवेदन प्रक्रिया, कम ब्याज दर और लचीली चुकौती अवधि के साथ आती है। शिशु, किशोर और तरुण श्रेणियों के माध्यम से नए और स्थापित व्यवसायों को उनकी जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता मिलती है।
- बिना किसी गारंटी के ऋण
- सरल और तेज़ आवेदन प्रक्रिया
- कम ब्याज दर
- महिलाओं और SC/ST वर्ग के लिए विशेष प्रोत्साहन
- छोटे व्यापारियों के लिए डिज़ाइन की गई योजना
मुद्रा ऋण की तीन श्रेणियाँ (Mudra Loan Categories)
मुद्रा ऋण की तीन श्रेणियाँ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत उद्यमियों की अलग-अलग वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। शिशु ऋण ₹50,000 तक का होता है और नए व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए उपयुक्त है। किशोर ऋण ₹50,001 से ₹5 लाख तक दिया जाता है, जिससे मौजूदा कारोबार का विस्तार किया जा सके। वहीं तरुण ऋण ₹5 लाख से ₹10 लाख तक का होता है, जो स्थापित और तेजी से बढ़ते उद्यमों को मजबूत आर्थिक सहायता प्रदान करता है।
1. शिशु (Shishu Loan)
- ऋण राशि: ₹50,000 तक
- नए व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए
- रेहड़ी-पटरी, छोटे दुकानदार, घरेलू उद्योग
2. किशोर (Kishor Loan)
- ऋण राशि: ₹50,001 से ₹5 लाख तक
- पूर्व से व्यवस्तिथ व्यवसाय की वृद्धि के लिए
3. तरुण (Tarun Loan)
- ऋण राशि: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक
- स्थापित और बढ़ते हुए उद्यमों के लिए
Pradhan Mantri Mudra Yojana Eligibility Criteria

Pradhan Mantri Mudra Yojana Eligibility Criteria के अनुसार, आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है और उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। वह किसी गैर-कृषि सूक्ष्म या लघु व्यवसाय से जुड़ा होना चाहिए। आवेदक के पास आधार कार्ड, बैंक खाता और व्यवसाय से संबंधित बुनियादी दस्तावेज़ होना आवश्यक है।प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी पात्रता शर्तें तय की गई हैं:
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए
- आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए
- व्यवसाय गैर-कृषि होना चाहिए
- सूक्ष्म या लघु उद्यम से जुड़ा होना चाहिए
- बैंक/वित्तीय संस्था के मानदंड पूरे करने चाहिए
मुद्रा ऋण के लिए आवश्यक दस्तावेज़
मुद्रा ऋण के लिए दस्तावेज़ प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- व्यवसाय से संबंधित प्रमाण
- बैंक खाता विवरण
- निवास प्रमाण पत्र
ब्याज दर और चुकौती अवधि
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण पर लगने वाली ब्याज दर बैंक, वित्तीय संस्था और ऋण श्रेणी पर निर्भर करती है। आमतौर पर यह ब्याज दर लगभग 9% से 12% प्रति वर्ष के बीच होती है, जो अन्य व्यावसायिक ऋणों की तुलना में कम मानी जाती है। ऋण की चुकौती अवधि सामान्यतः 3 से 5 वर्षों तक होती है। लाभार्थी अपनी सुविधा के अनुसार मासिक या त्रैमासिक किस्तों में ऋण चुका सकता है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लाभ (Pradhan Mantri Mudra Yojana Benefits)
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे उद्यमियों के लिए कई बड़े फायदे लेकर आई है:
- बिना गारंटी ऋण की सुविधा
- स्वरोज़गार को बढ़ावा
- महिलाओं के लिए विशेष लाभ
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
- आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को समर्थन
महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो इस योजना की सफलता को दर्शाती है। बड़ी संख्या में महिलाएँ इस योजना के माध्यम से सिलाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, खाद्य व्यवसाय और छोटे व्यापार शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। वहीं युवा वर्ग भी स्टार्ट-अप, सर्विस सेंटर और नवाचार आधारित व्यवसायों के लिए मुद्रा ऋण का लाभ उठा रहा है। इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दी है और युवाओं को रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया है, जिससे देश की समग्र अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
PMMY ने भारत की जमीनी अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दी है। छोटे व्यापारियों को औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से जोड़कर इस योजना ने वित्तीय समावेशन को मजबूती दी है।
करोड़ों रोजगार सृजित हुए हैं और ग्रामीण-शहरी असमानता को कम करने में मदद मिली है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में आवेदन कैसे करें?
मुद्रा ऋण के लिए आवेदन प्रक्रिया बेहद आसान है।
आवेदन के तरीके:
- नजदीकी बैंक शाखा में जाकर
- NBFC या MFI के माध्यम से
- ऑनलाइन पोर्टल के जरिए
- जन-धन खाते से लिंक करके
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना क्या है?
उत्तर: यह भारत सरकार की योजना है, जिसके तहत छोटे उद्यमियों को बिना गारंटी ₹50,000 से ₹10 लाख तक का ऋण दिया जाता है। इसका उद्देश्य स्वरोज़गार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देना है।
प्रश्न 2: मुद्रा ऋण के लिए कौन पात्र है?
उत्तर: कोई भी भारतीय नागरिक जो गैर-कृषि सूक्ष्म या लघु व्यवसाय करता है, मुद्रा ऋण के लिए आवेदन कर सकता है। आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
प्रश्न 3: मुद्रा ऋण पर गारंटी देनी होती है क्या?
उत्तर: नहीं, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत दिया जाने वाला ऋण पूरी तरह बिना गारंटी का होता है। इसके लिए किसी संपत्ति या ज़मानत की आवश्यकता नहीं होती।
प्रश्न 4: मुद्रा योजना में कितनी ब्याज दर लगती है?
उत्तर: ब्याज दर बैंक और ऋण श्रेणी के अनुसार तय होती है। सामान्यतः यह 9% से 12% प्रति वर्ष के बीच होती है।
प्रश्न 5: मुद्रा ऋण की चुकौती अवधि कितनी होती है?
उत्तर: मुद्रा ऋण की चुकौती अवधि आमतौर पर 3 से 5 वर्षों तक होती है। लाभार्थी इसे मासिक या त्रैमासिक किस्तों में चुका सकता है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) भारत के छोटे उद्यमियों के लिए आर्थिक क्रांति साबित हुई है। करोड़ों लाभार्थियों, लाखों नए व्यवसायों और व्यापक रोजगार सृजन के साथ यह योजना आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत कर रही है।
बिना गारंटी ऋण, सरल प्रक्रिया और सरकारी समर्थन के कारण PMMY आज छोटे व्यवसायियों के लिए सबसे भरोसेमंद वित्तीय योजना बन चुकी है। यदि आप भी स्वरोज़गार या छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आपके सपनों को साकार करने का एक मजबूत माध्यम है।